यह पुस्तक कवयित्री कृष्णलकता यादव द्वारा लिखी गई है, जिसमें हाइकु के माध्यम से बच्चों को प्रकृति के विविध रूपों से जोड़ने का सुंदर प्रयास किया गया है। हाइकु शैली में लिखी गई यह पुस्तक एक अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। विषय-वस्तु, प्रस्तुति और भावों की सहजता के कारण यह पुस्तक प्रभावशाली एवं पठनीय बन पड़ी है।

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